11. लोमड़ी और कौआ
एक बार एक कौआ, उसके मुंह में मांस का एक टुकड़ा पकड़े हुए एक पेड़ की ओर घूम रहा था,
लोमड़ी कौवे की तारीफ करने लगी। उसने कहा,
'यदि आपका शरीर इतना सुंदर है, तो आपकी आवाज कितनी मधुर होगी!'
यह सुनकर, कौआ ने अपना मुँह गाने के लिए खोल दिया। लेकिन तभी मांस का टुकड़ा उसकी चोंच से गिर गया
और लोमड़ी ने जल्दी से उसे उठाया और भाग गई।
अर्थ: -
"कोई हमारी झूठी तारीफ करे,
तो समझ ले इसमे कोई कपट है।"
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